Eat Right Youth Hackathon

Youth Innovating for a Healthier India

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ईट राइट यूथ हैकाथॉन 2026 की पृष्ठ्भूमि

ईट राइट यूथ हैकाथॉन उत्तराखंड – 2026, एक राज्य-स्तरीय प्रतियोगिता है, जिसका उद्देश्य युवाओं को स्वस्थ एवं सतत खाद्य प्रणाली में सकारात्मक परिवर्तन लाने हेतु सक्षम बनाना है। इस पहल की शुरुआत न्यूट्रिशन कनेक्ट (GAIN ग्लोबल) तथा ग्लोबल एलायंस फॉर इम्प्रूव्ड न्यूट्रिशन – GAIN (इंडिया) द्वारा, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड (चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, उत्तराखंड) के सहयोग से तथा उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड सरकार के समर्थन से की गई है। इस पहल के अंतर्गत युवा नवप्रवर्तकों को पोषण, खाद्य सुरक्षा एवं सततता के क्षेत्रों में व्यावहारिक और प्रभावशाली समाधान विकसित करने के लिए आमंत्रित किया गया है।

यह पहल भारत में अपनी तरह का पहला प्रयास है, जिसका उद्देश्य खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के माध्यम से भारत सरकार द्वारा संचालित ईट राइट मूवमेंट के प्रति जन-जागरूकता को सुदृढ़ करना तथा ठोस और प्रभावी कार्यवाही को प्रोत्साहित करना है। यह आंदोलन सभी के लिए सुरक्षित, पौष्टिक एवं सतत आहार को अपनाने की दिशा में प्रेरित करता है। इसके माध्यम से युवाओं की एक ऐसी जागरूक और जिम्मेदार पीढ़ी तैयार करने का लक्ष्य है, जो स्वस्थ खाद्य परिवेश की वाहक बनकर “सही भोजन, बेहतर जीवन” की परिकल्पना को साकार करने में सक्रिय भूमिका निभाए।

ईट राइट इंडिया, एक व्यापक जन-स्वास्थ्य पहल है, जो कि मूलतः तीन स्तंभों — ईट सेफ, ईट हेल्दी, और ईट सस्टेनेबल पर आधारित है। इस राष्ट्रीय दृष्टिकोण से प्रेरित होकर ईट राइट यूथ हैकाथॉन उत्तराखंड 2026 की परिकल्पना की गई है, जो युवाओं को नवाचार, रचनात्मकता और समस्या-समाधान की दिशा में आगे बढ़ने का एक सशक्त मंच प्रदान करता है। इस पहल का उद्देश्य खाद्य प्रणाली से सम्बंधित युवा नवप्रवर्तकों को ऐसे व्यावहारिक, प्रभावी और व्यापक स्तर पर लागू किए जा सकने वाले समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करना है, जो समाज में आहार सम्बन्धी व्यवहार द्वारा सकारात्मक परिवर्तन ला सकें।

यह हैकाथॉन नीचे विस्तार से वर्णित तीनों प्रमुख स्तंभों पर आधारित है:

श्रेणी 1 – ईट सेफ जो कि खाद्य स्वच्छता सुनिश्चित करना, सुरक्षित भंडारण की पद्धतियों को अपनाना, संदूषण एवं मिलावट की रोकथाम करना, तथा भोजन के सुरक्षित संचालन एवं प्रबंधन से जुड़े विषयों पर केंद्रित है।

श्रेणी 2 – ईट हेल्दी जिसके अंतर्गत संतुलित एवं विविध आहार को बढ़ावा देना, नमक, चीनी और संतृप्त वसा के अत्यधिक सेवन में कमी लाना, पर्याप्त प्रोटीन की उपलब्धता सुनिश्चित करना, सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर करने हेतु सुदृढ़ीकृत (फोर्टिफाइड) खाद्य पदार्थों को प्रोत्साहित करना, तथा मोटापे जैसी समस्याओं के समाधान से संबंधित विषय सम्मिलित हैं।

श्रेणी 3 – ईट सस्टेनेबल जो कि स्थानीय एवं मौसमी खाद्य पदार्थों के उपयोग को बढ़ावा देना, खाद्य अपशिष्ट को न्यूनतम करना, पर्यावरण-अनुकूल पैकेजिंग को अपनाना, तथा दीर्घकालिक और टिकाऊ खाद्य प्रणालियों को सशक्त बनाने से जुड़े विषयों पर आधारित हैं।

उत्तराखण्ड – अपार संभावनाओं की भूमि

उत्तराखंड एक उर्जावान, युवा और प्रगतिशील राज्य है। उच्च साक्षरता, जागरूकता तथा नवाचार के प्रति अनुकूल वातावरण के कारण राज्य में पोषण, खान-पान की सही रीतियों को व्यवहार में लाने और स्वास्थ्य सुधार से जुड़े प्रयासों में व्यापक संभावनाएँ हैं। राज्य के शिक्षित एवं नवाचार-उन्मुख युवा स्वस्थ खान–पान, पोषण जागरूकता और टिकाऊ जीवनशैली को बढ़ावा देने वाले परिवर्तनकारी उपक्रमों का नेतृत्व कर सकते हैं। आधुनिक शिक्षा, तकनीकी नवाचार और समुदाय आधारित सहभागिता के माध्यम से उत्तराखंड एक ऐसे मॉडल राज्य के रूप में उभर सकता है जहाँ युवा शक्ति स्वस्थ परिवर्तन का अग्रदूत बने।

यह क्यों मायने रखता है ?

भारत की लगभग 55.6% जनसंख्या के लिए पौष्टिक एवं संतुलित आहार सुनिश्चित कर पाना अब भी एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर मधुमेह, कैंसर और हृदय रोग जैसे गैर-संचारी रोगों (NCDs) का बोझ तीव्र गति से बढ़ रहा है। उत्तराखंड में गैर-संचारी रोगों (NCDs) के कारण 67.9% आबादी की जीवन प्रत्याशा प्रभावित हो रही है तथा वह गुणवत्तापूर्ण जीवन नहीं जी पा रहे हैं, जो राज्य में पोषण और भोजन संबंधी आदतों में सुधार की नितांत आवश्यकता को दर्शाता है।

भारत के युवा जिनकी संख्या 37 करोड़ से अधिक है तथा जो देश की कुल जनसंख्या का 27% है, परिवर्तन के एक सशक्त माध्यम के रूप में कार्य कर सकते हैं। उनकी रचनात्मकता, ऊर्जा और नवाचार क्षमता का उपयोग कर यह Hackathon युवाओं को व्यवहार परिवर्तन के संवाहक एवं स्वस्थ जीवनशैली के नायक के रूप में सशक्त बना सकता है।

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विषय वस्तु

“ईट सेफ, ईट हेल्दी और ईट सस्टेनेबल” के सिद्धांतों पर आधारित इस प्रतियोगिता में निम्नलिखित 6 थीम के अंतर्गत प्रविष्टियाँ आमंत्रित हैं:

Eat Right

उद्देश्य

हैकाथॉन के मुख्य उद्देश्य निम्नलिखित हैं:

  • युवा ऊर्जा को ‘ईट राइट इंडिया’ अभियान के प्रभावशाली ब्रांड एंबेसडर के रूप में सशक्त बनाना।
  • सुरक्षित, पौष्टिक एवं टिकाऊ भोजन लेने संबंधी आदतों को बढ़ावा देने के लिए नवाचार करने और व्यवहार मे परिवर्तन लाने हेतु प्रोत्साहित करना
  • खाद्य आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े नवाचारी समाधानों के विकास और उनके प्रभावी कार्यान्वयन के लिए युवाओं को एक मंच उपलब्ध कराना।

कौन भाग ले सकते हैं ?

ईट राइट यूथ हैकाथॉन उत्तराखंड 2026 के लिए उत्तराखंड के वे सभी विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, तकनीकी कॉलेज, मेडिकल कॉलेज, संस्कृत कॉलेज एवं उच्च शिक्षण संस्थान भाग ले सकते हैं जिन्हें UGC, AICTE, NMC, IGNOU, राज्य सरकार या केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त हैं।

यदि किसी विश्वविद्यालय, महाविद्यालय/संस्थान के द्वारा एक से अधिक परिसरों का संचालन किया जा रहा है तो वह संस्थान प्रत्येक परिसर से टीमें नामित कर आवेदन कर सकता है।

हैकाथॉन प्रक्रिया

हैकाथॉन छः माह की समयावधि में तीन चरणों के माध्यम से संचालित एक व्यापक एवं बहु-स्तरीय प्रतियोगिता के रूप में आयोजित किया जाएगा जिसकी विस्तृत जानकारी निम्नवत है:

Nomination Process
 1

प्रथम चरण - नामांकन एवं नवाचारी विचारों का प्रस्तुतीकरण -

उत्तराखंड के प्रत्येक उच्च शिक्षण संस्थानों द्वारा अधिकतम 3–5 छात्रों की सर्वाधिक पाँच टीमें नामांकित की जाएँगी। सभी टीमों का पंजीकरण निर्धारित गूगल फॉर्म के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया द्वारा किया जाएगा।

टीमों को “ईट सेफ, ईट हेल्दी, ईट सस्टेनेबल” में से किसी एक स्तम्भ पर अपने मूल विचारों पर प्रस्तुति जमा करनी होगी।

  • प्रस्तुत विचारों का मूल्यांकन इस कार्य के लिए गठित निर्णायक मण्डल द्वारा निम्न बिंदुओं के आधार पर किया जाएगा:

    • विषय की समझ

    • समस्या की सटीक पहचान

    • प्रस्तावित समाधान की उपयोगिता, नवाचार क्षमता एवं व्यवहारिकता

  • प्रारंभिक मूल्यांकन प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात् कुल प्रतिभागी टीमों में से शीर्ष 75 टीमों का चयन अगले चरण हेतु किया जाएगा।

2

द्वितीय चरण (सेमी फाइनल) – विचारों का परिष्करण एवं वर्चुअल प्रस्तुति

  • प्रथम चरण से चयनित शीर्ष 75 टीमों को उनके विचारों को और बेहतर बनाने तथा तकनीकी और प्रस्तुति कौशल को निखारने के लिए मार्गदर्शन (मेंटरशिप) प्रदान किया जाएगा।

  • प्रत्येक टीम अपने परिष्कृत विचार को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए 3 मिनट का रिकॉर्डेड वीडियो पिच जमा करेंगी।

  • जूरी के समक्ष लाइव वर्चुअल प्रस्तुति (PPT आधारित) सत्र आयोजित किया जाएगा, जिसके बाद प्रश्नोत्तर (Q&A) सत्र होगा।

  • मूल्यांकन के उपरांत शीर्ष 10 टीमें अगले चरण के लिए चयनित की जायेंगी।

3

तृतीय चरण – अंतिम प्रस्तुतीकरण

  • 10 फाइनलिस्ट टीमों को उनके विचारों को परिष्कृत करने और तकनीकी तथा प्रस्तुति कौशल को मजबूत बनाने के लिए अतिरिक्त मार्गदर्शन (मेंटरशिप) प्रदान किया जाएगा।

  • शीर्ष 10 टीमें अपनी परिष्कृत एवं उन्नत समाधानों पर विशेषज्ञ ज्यूरी के समक्ष ऑनलाइन प्रस्तुति देंगी।

  • ज्यूरी द्वारा किए गए मूल्यांकन के आधार पर सर्वश्रेष्ठ 5 टीमें अंतिम चरण के लिए चुनी जाएँगी।

पुरस्कार वितरण समारोह (Award Ceremony)

  • पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान चयनित सर्वश्रेष्ठ 5 टीमें देहरादून में प्रत्यक्ष रूप से (physically) प्रस्तुति देंगी।

  • यह प्रस्तुतिकरण विशिष्ट अतिथियों एवं दर्शकों के समक्ष की जायेगी।

  • विजेता टीमों को निम्नवत सम्मानित किया जाएगा-

    • नकद पुरस्कार (केवल प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चयनित टीम)

    • प्रमाणपत्र, ट्रॉफी एवं मीडिया मान्यता

    • विचारों के विस्तार एवं सतत मार्गदर्शन हेतु विशेषज्ञ सहायता

    • राज्य सरकार द्वारा विशेष प्रशंसा एवं सहयोग

  • साथ ही सभी प्रतिभागी टीमों को ऑनलाइन सहभागिता प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएँगे।

योग्यता मानदंड – संस्थाओं के लिए दिशा-निर्देश

संस्थागत पात्रता और नामांकन:

उत्तराखंड के वे सभी विश्वविद्यालय, कॉलेज एवं उच्च शिक्षण संस्थान भाग ले सकते हैं जो UGC, AICTE, राज्य सरकार या केंद्र सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त हैं।

नोडल ऑफिसर (सिंगल पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट) का चयन:

नोडल ऑफिसर (SPOC) संस्थान का वर्तमान में कार्यरत संकाय सदस्य होना चाहिए (जैसे- लेक्चरर, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर, प्रोफेसर, विभागाध्यक्ष (HOD), डीन, निदेशक या प्राचार्य)।
नोडल ऑफिसर (SPOC) की जिम्मेदारियाँ:

  • छात्रों की भागीदारी का समन्वय करना
  • आधिकारिक आवेदन पत्र जमा करना
  • प्रस्तुत समस्त जानकारियों की सटीकता और पूर्णता सुनिश्चित करना
  • आवेदन पत्र केवल SPOC द्वारा ही जमा किया जाना चाहिए।
टीम गठन के लिए दिशा-निर्देश:
  • टीम का नाम विशिष्ट (यूनिक) होना चाहिए और उसमें संस्थान का नाम शामिल नहीं होना चाहिए।
  • प्रत्येक टीम में 3–5 छात्र होने चाहिए, जिनमें एक टीम लीडर शामिल हो
  • टीम के सभी सदस्य एक ही संस्थान के होने चाहिए (अंतर-महाविद्यालय/कॉलेज टीमें अनुमन्य नहीं हैं)।
  • टीम में कम-से-कम एक महिला प्रतिभागी को शामिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।
  • बहुविषयक (इंटरडिसिप्लिनरी) टीमों को प्रोत्साहित किया जाए; छात्र किसी भी विषय या वर्ष से हो सकते हैं (जैसे—नूट्रिशन, विज्ञान, इंजीनियरिंग, आईटी, कृषि, सार्वजनिक स्वास्थ्य, प्रबंधन, मानविकी आदि)।
  • आवेदन पत्र जमा करने के बाद टीम की संरचना में कोई परिवर्तन अनुमन्य नहीं होगा। किसी भी प्रकार का परिवर्तन, यदि आवश्यक हो, तो केवल आयोजन समिति की लिखित स्वीकृति से ही किया जा सकेगा।
टीम नामांकन और आवेदन प्रक्रिया:
  • SPOC को आधिकारिक गूगल फॉर्म के माध्यम से केवल एक बार टीम का विवरण जमा करना होगा। एक बार जमा किए गए फॉर्म में कोई संशोधन नहीं किया जा सकेगा।
  • आवेदन के साथ संस्थान के आधिकारिक लेटरहेड पर एक प्राधिकार पत्र संलग्न करना अनिवार्य है, जिसमें निम्नलिखित विवरण स्पष्ट रूप से उल्लिखित हों:
    • टीम का नाम
    • सभी प्रतिभागी छात्रों का विवरण
    • SPOC का नाम
  • प्राधिकार पत्र:
    • प्रिंसिपल/डीन/डायरेक्टर द्वारा हस्ताक्षरित होना चाहिए
    • संस्थान की आधिकारिक मुहर से प्रमाणित होना चाहिए

आवेदन हेतु मानदंड – प्रतिभागियों के लिए दिशा-निर्देश

प्रतिभागियों की पात्रता और अपात्रता:

i. पात्रता मानदंड:

  • प्रतिभागी स्नातक या स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के छात्र/छात्रा होने चाहिए।
  • पंजीकरण के समय उम्र 18–29 वर्ष होनी चाहिए।
  • सभी प्रतिभागियों को मान्य छात्र पहचान पत्र (Student ID) अपलोड करना अनिवार्य है और किसी भी समय आवश्यकता पड़ने पर इसे प्रस्तुत करना होगा।
  • प्रतिभागियों को ऑनलाइन मेंटरशिप सत्रों, ऑनलाइन कार्यशालाओं, ऑनलाइन मूल्यांकन चरणों तथा फ़िनाले हेतु चयनित होने पर देहरादून में आयोजित फिनाले में भाग लेना अनिवार्य है।
  • सभी प्रतिभागियों को हैकाथॉन की आचार संहिता, समय-सीमा और नियमों का पालन करना आवश्यक होगा।
  • टीम में कम से कम एक महिला प्रतिभागी शामिल करने को वरीयता दी जाए।

ii. अपात्रता मानदंड:

निम्नलिखित प्रतियोगिता में भाग लेने के पात्र नहीं होंगे:

  • आयोजक, कार्यान्वयन सहयोगी, या प्रायोजकों के कर्मचारी, सलाहकार, इंटर्न या अधिकारी (वित्तीय या गैर-वित्तीय रूप से जुड़े), और उनके परिवार के निकट सदस्य।
  • ऐसे व्यक्ति जिनका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हितों का टकराव हो, रहा है, जैसे ज्यूरी सदस्य या मेंटर के निकटतम संबंधी, जब तक कि इसे औपचारिक रूप से घोषित न किया गया हो और आयोजन टीम द्वारा स्वीकृत न हो।
  • किसी भी चरण में हितों का टकराव उत्पन्न होने पर तत्काल सूचना देना अनिवार्य है। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो टीम अयोग्य घोषित की जा सकती है।
  • आवेदन अस्वीकृत किए जाएंगे यदि:
    • देर से, अधूरा या निर्धारित सीमा के बाद प्रस्तुत किया गया हो।
    • साहित्यिक चोरी (प्लेगरिज़्म) या गलत जानकारी पाई जाए।
    • आवेदन पत्र के साथ प्राधिकार पत्र न हो या उससे छेड़छाड़ की गयी हो।
    • टीम की संरचना में निर्धारित संख्या के सापेक्ष बदलाव होने पर।

iii. आचरण, ईमानदारी और नैतिकता:

  • सभी प्रस्तुतियाँ मौलिक और प्लेगरिज़्म मुक्त होनी चाहिए।
  • प्रतिभागियों को पूरी प्रतियोगिता के दौरान सम्मानजनक, पेशेवर और नैतिक आचरण बनाए रखना होगा।
  • आयोजक टीम के निर्णय अंतिम और बाध्यकारी होंगे।

ईट राइट यूथ हैकाथॉन उत्तराखंड 2026 में भाग ले रही उच्च शिक्षण संस्थानों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश पढ़ने के लिए कृपया यहाँ क्लिक करें।

सामान्यतः पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

ईट राइट यूथ हैकाथॉन 2026 – उत्तराखंड क्या है?

ईट राइट यूथ हैकथॉन 2026 - उत्तराखंड एक नवाचार प्रतियोगिता है, जिसका उद्देश्य उत्तराखंड के कॉलेजों, विश्वविद्यालयों, मेडिकल संस्थानों और अन्य उच्च शिक्षा संस्थानों के छात्रों को वास्तविक खाद्य प्रणाली की चुनौतियों की पहचान करने और भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के मूल सिद्धांत क्रमशः "Eat Safe, Eat Healthy, Eat Sustainable" के अनुरूप नवाचारी और व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित करना है। यह केवल एक प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि राज्य की खाद्य सुरक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाने के लिए एक सहयोगात्मक मंच भी है।

इस हैकाथॉन में कौन प्रतिभाग कर सकता है?

हैकथॉन में निम्नलिखित छात्र भाग ले सकते हैं:

  • जो भारतीय नागरिक हैं और वर्तमान में उत्तराखंड में अध्ययनरत हैं
  • यूजीसी / एनएमसी / एआईसीटीई / इग्नू / राज्य या केंद्र सरकार / उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थानों में स्नातक या स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में अध्ययन कर रहे हैं
  • पंजीकरण के समय 18–29 वर्ष के आयु वर्ग में हैं
कोई कॉलेज/उच्च शिक्षण संस्थान अधिकतम कितनी टीमों को नामित कर सकता है?

कोई भी कॉलेज अथवा उच्च शिक्षण संस्थान अधिकतम पाँच (5) टीमों को नामित कर सकता है। प्रत्येक टीम को अपने स्वतंत्र एवं विशिष्ट नवाचारी विचार के साथ अलग-अलग आवेदन फॉर्म के माध्यम से आवेदन करना अनिवार्य होगा।

सभी टीमों को यह परामर्श दिया जाता है कि वे विभिन्न थीम एवं स्तंभों पर आधारित विचार प्रस्तुत करें, ताकि नवाचार की विविधता सुनिश्चित की जा सके। एक ही थीम पर एक ही संस्थान से अनेक आवेदन प्रस्तुत करने से परहेज करें।

क्या एक ही आवेदन फॉर्म से पाँचों टीमों का आवेदन किया जा सकता है?

नहीं। प्रत्येक टीम को अपना आवेदन अलग आवेदन फॉर्म के माध्यम से ही करना होगा। एक ही फॉर्म में एक से अधिक टीमों या विचारों को सम्मिलित नहीं किया जा सकता हैं।

टीम की संरचना क्या होगी?

प्रत्येक टीम में न्यूनतम 3 सदस्य और अधिकतम 5 सदस्य होने चाहिए। टीम में कम से कम एक महिला प्रतिभागी का होना वांछनीय है।

क्या विभिन्न कॉलेजों के छात्र मिलकर एक टीम बना सकते हैं?

नहीं। प्रत्येक टीम के सभी सदस्यों का एक ही कॉलेज से होना अनिवार्य है। किसी भी स्थिति में अलग-अलग संस्थानों के छात्रों को मिलाकर टीम गठित करने की अनुमति नहीं होगी।

हालाँकि, ईट राइट यूथ हैकाथॉन, उत्तराखंड–2026 में प्रतिभाग हेतु, प्रत्येक कॉलेज अधिकतम पाँच (5) टीमों को नामित कर सकते हैं, जिनमें प्रत्येक टीम 3 से 5 छात्रों की होगी।

क्या किसी कॉलेज के अलग-अलग कैंपस अलग-अलग आवेदन कर सकते हैं?

हाँ। जिन कॉलेजों के एक से अधिक कैंपस हैं, वे प्रत्येक कैंपस से अधिकतम 5 टीमें अलग-अलग रूप से नामित कर सकते हैं।

नोडल अधिकारी और टीम सदस्यों के नामांकन की प्रक्रिया क्या है?

समस्त नामांकन शिक्षण संस्थान के आधिकारिक पत्रांक सहित प्रेषित किया जाना अनिवार्य है, जिसमें

  • सिंगल पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट (SPOC)/ नोडल ऑफिसर का विवरण
  • टीम लीडर और सभी टीम सदस्यों के नाम
  • प्रिंसिपल, डीन, या संस्थान/कैंपस डायरेक्टर द्वारा हस्ताक्षरित
  • संस्था की कार्यालय मुहर/सील अनिवार्य रूप से शामिल होनी चाहिए
हैकाथॉन की थीम क्या है?

यह हैकाथॉन ईट राइट इंडिया अभियान के तीन प्रमुख स्तंभों — ईट सेफ, ईट हेल्दी एवं ईट सस्टेनेबल — पर आधारित छह (6) प्रमुख थीमों के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है:

ईट सेफ:
  • खाद्य जनित रोगों एवं दूषण की रोकथाम
  • व्यक्तिगत तथा परिवेशीय स्वच्छता पर विशेष फोकस
ईट हेल्दी:
  • आहार विविधता एवं संतुलित पोषण को बढ़ावा
  • कुपोषण एवं मोटापे की रोकथाम
ईट सस्टेनेबल:
  • स्थानीय एवं मौसमी खाद्य पदार्थों के उपभोग को प्रोत्साहन
  • खाद्य अपशिष्ट एवं खाद्य हानि को न्यूनतम करना

प्रस्तुत किए जाने वाले सभी विचार उपर्युक्त थीमों में से किसी एक थीम से अनिवार्य रूप से संबद्ध होने चाहिए। टीमों को यह परामर्श दिया जाता है कि वे विभिन्न थीमों एवं स्तंभों के अंतर्गत विविध एवं नवाचारी विचार प्रस्तुत करें। एक ही संस्थान से एक ही थीम पर अनेक आवेदन प्रस्तुत करने से परहेज किया जाना चाहिए, ताकि नवाचार की व्यापकता और विविधता सुनिश्चित की जा सके।

किस प्रकार के समाधान प्रस्तुत किए जा सकते हैं?

टीमों को हैकाथॉन की निर्धारित थीमों में से किसी एक थीम के अनुरूप केवल एक ही समाधान प्रस्तुत करना होगा। प्रस्तुत किया जाने वाला विचार निम्नलिखित विशेषताओं से युक्त होना चाहिए:

  • नवाचारी
  • मौलिक
  • व्यावहारिक
  • विस्तार योग्य (स्केलेबल)
  • प्रभावशाली
  • तथा उत्तराखंड की खाद्य प्रणाली के संदर्भ में प्रासंगिक

यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि प्रस्तावित समाधान स्थानीय परिस्थितियों एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए वास्तविक, क्रियान्वयन योग्य एवं दीर्घकालिक प्रभाव उत्पन्न करने वाला हो।

हैकाथॉन के लिए पंजीकरण कैसे करें?

टीमों को वेबसाईट पर घोषित अंतिम तिथि से पहले आधिकारिक ऑनलाइन पंजीकरण फॉर्म के माध्यम से पंजीकरण करना होगा। प्रत्येक टीम से केवल एक प्रविष्टि अनुमन्य होगी।

क्या कोई पंजीकरण शुल्क है?

नहीं, हैकथॉन में भाग लेना नि:शुल्क है।

क्या पहले से कहीं प्रस्तुत किया गया विचार भेजा जा सकता है?

हाँ, बशर्ते वह विचार टीम द्वारा स्वयं विकसित किया गया हो। यदि विचार पहले कहीं प्रस्तुत किया गया है या उसे कोई पुरस्कार/मान्यता/वित्तीय सहायता मिली है, तो इसका स्पष्ट उल्लेख आवेदन फॉर्म में करना अनिवार्य होगा।

मूल्यांकन कैसे किया जाएगा?

प्रस्तुतियों का मूल्यांकन विशेषज्ञ जूरी द्वारा किया जाएगा, जो निम्न पर आधारित होगा:

  • नवाचार और रचनात्मकता
  • थीम के साथ प्रासंगिकता
  • व्यवहार्यता और विस्तार क्षमता
  • सामाजिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रभाव
  • प्रस्तुति की गुणवत्ता
  • टीम के सदस्यों में आपसी सहयोग

जूरी का निर्णय अंतिम और सर्वमान्य होगा।

शॉर्टलिस्ट होने के बाद क्या होगा?
  • चयनित टीमों को वेबिनार के माध्यम से मेंटरशिप और विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्राप्त होगा
  • चयनित टीमें वर्चुअल तकनीकी सत्रों और पिच सुधार राउंड में भाग लेंगी
  • सेमीफाइनल में 3 मिनट का रिकॉर्डेड पिच वीडियो एवं लाइव प्रस्तुति होगी।
  • फाइनलिस्ट टीमों को पुनः मेंटरशिप प्राप्त होगी एवं निर्णायक मंडल के समक्ष प्रस्तुति देनी होगी।
  • शीर्ष 5 फाइनलिस्ट टीमों को देहरादून में ग्रैंड फिनाले और पुरस्कार समारोह के लिए आमंत्रित किया जाएगा
आवेदन प्रारूप एवं तकनीकी निर्देश क्या हैं?

आवेदन केवल गूगल फॉर्म (https://docs.google.com/forms/d/15cMRCnElkmOujNDtuS-gwtpEWtJVZggIaX9bDDSFCrI/edit)के माध्यम से किया जाएगा। आवेदन प्रक्रिया से सम्बंधित पूर्ण जानकारी हेतु कृपया दिए गए यूट्यूब लिंक (https://youtu.be/5HWPk485kRY) का सन्दर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें ।

यदि हमारा विचार एक ही स्तंभ के अंतर्गत एक से अधिक थीम से मेल खाता हो तो क्या करें?

यह पूर्णतः स्वीकार्य है। टीमों को यह परामर्श दिया जाता है कि वे अपने चुने गए स्तंभ के अंतर्गत एक मुख्य (प्राथमिक) थीम का चयन करें, जो उनके विचार के मुख्य उद्देश्य एवं मूल फोकस का सर्वोत्तम प्रतिनिधित्व करती हो। यदि कोई विचार एक ही स्तंभ के अंतर्गत एक से अधिक थीम से संबद्ध है, तो भी वह मूल्यांकन हेतु पूर्णतः पात्र रहेगा। ऐसे मामलों में विचार की समग्रता, प्रभाव एवं प्रासंगिकता को ध्यान में रखते हुए उसका निष्पक्ष मूल्यांकन किया जाएगा।

क्या आवेदन हिंदी या अंग्रेज़ी में किया जा सकता है?

हाँ। आवेदन एवं प्रस्तुति हिंदी या अंग्रेज़ी दोनों भाषाओं में की जा सकती है।

विजेता टीमों के लिए क्या सम्मान एवं पुरस्कार निर्धारित हैं?

विजेताओं को निम्नलिखित पुरस्कार एवं प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे:

  • नकद पुरस्कार (शीर्ष 3 टीमों के लिए एवं 2 सांत्वना पुरस्कार)
  • प्रमाण पत्र, ट्रॉफी एवं मेडल
  • मीडिया में दृश्यता
  • निरंतर मेंटरशिप समर्थन
  • सभी प्रतिभागियों को डिजिटल सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।
क्या पुरस्कार समारोह हेतु आवास एवं भोजन की व्यवस्था की जायेगी?

हाँ, फाइनलिस्ट टीमों के लिए बोर्डिंग और लॉजिंग की पर्याप्त व्यवस्थाएँ की जाएँगी। शीर्ष 5 फाइनलिस्ट टीमों को इसका विवरण अलग से साझा किया जाएगा।

क्या आयोजक हमारे विचारों का प्रचार हेतु उपयोग कर सकते हैं?

हाँ, भाग लेने के द्वारा, टीमें GAIN और इसके साझेदारों को प्रचार, जागरूकता और दस्तावेज़ीकरण के लिए नाम, फोटो, वीडियो और प्रस्तुतियों का उपयोग करने की अनुमति देती हैं।

क्या हैकाथॉन रद्द या परिवर्तित किया जा सकता है?

हाँ, आयोजक किसी अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण हैकथॉन या किसी भी चरण को संशोधित, स्थगित या रद्द करने का अधिकार सुरक्षित रखते हैं।

नियमों के उल्लंघन करने की स्थिति में क्या होगा?

नियमों के उल्लंघन की स्थिति में, टीमों को किसी भी चरण में अयोग्य घोषित किया जा सकता है।

ईट राइट यूथ हैकाथॉन में कुल कितने चरण होंगे?

हैकाथॉन में तीन ऑनलाइन राउंड होंगे, और ग्रैंड फिनाले/पुरस्कार समारोह में प्रत्यक्ष प्रस्तुतीकरण आयोजित किया जाएगा।

समय-समय पर हैकाथॉन अथवा अगले चरणों से सम्बंधित जानकारी कैसे प्राप्त होगी?

सभी सूचनाएँ नोडल अधिकारी द्वारा प्रदान किए गए ईमेल के माध्यम से साझा की जाएँगी तथा आधिकारिक वेबसाइट पर भी प्रकाशित की जाएँगी।

किसी भी प्रश्न हेतु कैसे संपर्क किया जा सकता है?

हैकाथॉन से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी, सहायता अथवा स्पष्टीकरण हेतु, कृपया nutritionconnect2026@gmail.com पर ईमेल करें अथवा हेल्पलाइन नंबर 9103425569 पर संपर्क करें (समय: सोमवार से शनिवार, प्रातः 11:00 बजे से सायं 5:30 बजे तक)।

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